Vyarth chintit ho rahe ho व्यर्थ चिंतित हो रहे हो- Saraswati Vandana

Vyarth chintit ho rahe ho

Lyrics: व्यर्थ चिंतित हो रहे हो

व्यर्थ चिंतित हो रहे हो
व्यर्थ दर कर रो रहे हो
अजन्मा है अमर आत्मा
व्यर्थ जीवन खो रहे हो
जो हुआ अच्च्छा हुआ
जो हो रहा अच्च्छा ही है
होगा जो अच्छा ही होगा
यह नियम सच्चा ही है
पेर भुला दो बोझ कल का
आज तुम क्यू दो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
व्यर्थ जीवन खो रहे हो

हुए भूली भूलो का फिर
आज पासचताप क्यूँ
कल क्या होगा आनिश्चित है
आज फिर संताप क्यूँ
जुट पदो कर्तव्या मे तू
बात किसकी जो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
व्यर्थ जीवन खो रहे हो

क्या गया तुम रू पड़े
तुम लाए क्या थे खो दिया
है किया क्या नष्ट तुमने
ऐसा क्या था खो दिया
व्यरत ग्लानि से भरा मॅन
आँसुओ से दो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

लेके खाली हाथ आए
जो लिया यही से लिया
जो लिया नसीब से उसको
जो दिया यही पेर दिया
जानकार दस्तूर जाग का
क्यू परेशन हो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

जो तुम्हारा आज है कल
वो ही था किसी और का
होगा परसो जाने किसका
यह नियम सरकार का
मग्न हो अपना समझना
दुखो को सॅंजो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

जिसको तो तुम मृत्यु समझते
है वही जीवन तुम्हारा
है नियम जाग का बदलना
क्या पराया क्या तुम्हारा
एक क्षद मे कंगाल हो क्षद
भरम धन से हो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

मेरा तेरा बड़ा छ्होटा
भेद ये मॅन से हटा दो
सब तुम्हारे तुम सभी के
फ़ासले मान से हठाड़ो
कितने जनमो तक करोगे
पाप कर तुम जो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

है किराए का मकान ना
तुम हो इससके ना तुम्हारा
पाँच तत्वो का बना घर
देह को इनका सहारा
इस मकान मे हो मुसाफिर
इस कदर यू सो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

उठो अपने आप को
भगवान को अर्पित करो
अपनी चिंता शोक और भाए
सब उससे अर्पित करो
है वही उत्तम सहारा
क्यू सहारा खो हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

जब करो जो भी करो
आर्पण करो भगवान को
सदा करदो समर्पण
त्याग कर अभिमान को
मुक्ति का आनंद अनुभव
सर्वदा क्यू खो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो
व्यर्थ चिंतित हो रहे हो
व्यर्थ दर कर रो रहे हो
अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो