Sir Ko Jhuka Lo\ Maa Durga Bhajan By Lakhbir Singh Lakkha

sir ko jhuka lo, sherawali ko mana lo,

Lyrics:सिर को झुका लो,

च्छू ले जो मा की चौखट को, तो ज़रा भी सितारा हो जाए,
जहा ज़िक्र हो मा का मंगल हो,जन्नत का नज़ारा हो जाए,
मैया के दर पर हर एक शक्ति आकर के शीश झुकती है
सारी दुनिया मा के दर्र पे लाखा कष्तो से मुक्ति पति है,

सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
चलो दर्शन पाओ मा के, करती मेहेरबानिया,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
चलो दर्शन पाओ मा के, करती मेहेरबानिया,
करती मेहेरबानिया, करती मेहेरबानिया,

हो गुफा के अंदर मंदिर के अंदर,
हो गुफा के अंदर मंदिर के अंदर,
मा की ज्योता है नूरानिया,
मा की ज्योता है नूरानिया,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
चलो दर्शन पाओ मा के, करती मेहेरबानिया,
करती मेहेरबानिया, करती मेहेरबानिया,

मैया की लीला कैसा पर्वत है नीला,
मैया की लीला कैसा पर्वत है नीला,
मेरी मैया की लीला कैसा पर्वत है नीला,
कर्दे शेर च्चबीला ओह रंग जिसका है पीला,
कर्दे शेर च्चबीला ओह रंग जिसका है पीला,
कठिन चढ़ाइया मा सीढ़िया लाया,
कठिन चढ़ाइया मा सीढ़िया लाया,
ये है मैया की निशानिया,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
चलो दर्शन पाओ मा के, करती मेहेरबानिया,
करती मेहेरबानिया, करती मेहेरबानिया,

कोढ़ी को काया देवे निराधान को माया,
कोढ़ी को काया देवे निराधान को माया,
करती आँचल की च्चाया भिकारी बनके जो आया,
करती आँचल की च्चाया भिकारी बनके जो आया,
मा के द्वारे माइट संकट सारे,
मिट जाए परेशानिया, मिट जाए परेशानिया,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
चलो दर्शन पाओ मा के, करती मेहेरबानिया,
करती मेहेरबानिया, करती मेहेरबानिया,

सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
चलो दर्शन पाओ मा के, करती मेहेरबानिया,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
सिर को झुका लो, शेरवाली को माना लो,
चलो दर्शन पाओ मा के, करती मेहेरबानिया,
करती मेहेरबानिया, करती मेहेरबानिया,

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