Laakhon mehfil jahan mein yunto लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो- Krishna Bhajan By Anuradha Paudwal

Laakhon mehfil jahan mein yunto

Lyrics: लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो

लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो
तेरी महफ़िल सी महफ़िल नही है
लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो
तेरी महफ़िल सी महफ़िल नही है
स्वर्ग सम्राट हो या हो चाकर
तेरे दर पेर है दर्जा बराबर

तेरी हस्ती को वो जिसने जाना
कोई आलम मे आमिल नही है
तेरी हस्ती को वो जिसने जाना
कोई आलम मे आमिल नही है
दरबार ख़ाके ठोकर जो तक कर
आगेया अगर तेरे दर पेर

तूने नॅज़ारो से जो रस पिलाया
वो बताने के काबिल नही है
तूने नॅज़ारो से जो रस पिलाया
वो बताने के काबिल नही है

लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो
तेरी महफ़िल सी महफ़िल नही है

जीते मरते जो तेरी लगान में
जलते रहते विरह की अगन में

है भरोसा तेरा हे मुरारी
तू दयालु है कातिल नही है
है भरोसा तेरा हे मुरारी
तू दयालु है कातिल नही है
तेरा रास्ता लगा चस्का जिसको
लगता बैकुंठ उसको फीका सा

डूब कर कोई बाहर ना आया
इसमे भावरे है साहिल नही है
डूब कर कोई बाहर ना आया
इसमे भावरे है साहिल नही है

लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो
तेरी महफ़िल सी महफ़िल नही है
लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो
तेरी महफ़िल सी महफ़िल नही है

कर्मा है उनकी निष्काम सेवा
धर्मा है उनकी इच्च्छा में इच्च्छा
सौप दो इनके हाथो में डोरी
ये कृपालु है तंग दिल नही है
सौप दो इनके हाथो में डोरी
ये कृपालु है तंग दिल नही है

लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो
तेरी महफ़िल सी महफ़िल नही है
लाखों महफ़िल जहाँ में युंतो
तेरी महफ़िल सी महफ़िल नही है

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