Apni Vani Mein Amrit अपनी वाणी में अमृत घोल- Krishna Bhajan By Gaurav Krishna Shastriji

Apni Vani Mein Amrit

Lyrics:अपनी वाणी में अमृत घोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल

ये बोल बड़े अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल

राधाजी बरसाने वाली
राधाजी वृषभानु दुलारी
राधाजी बरसाने वाली
राधाजी वृषभानु दुलारी

दो अक्षर आधार जगत के
दो अक्षर आधार जगत के
ये अक्षर अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

राधाजी महारास रचावे
राधाजी नन्दलाल नचावे
राधाजी महारास रचावे
राधाजी नन्दलाल नचावे

इस छवि को भर कर नयनन में
इस छवि को भर कर नयनन में
अन्तर के पट खोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

बिन राधा नहीं सजे बिहारी
बिन राधा नहीं मिले बनवारी
बिन राधा नहीं सजे बिहारी
बिन राधा नहीं मिले बनवारी

इनके चरण पकड़ ले नादां
इनके चरण पकड़ ले नादान
भटक न दर दर डोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल
राधे बोल, राधे बोल
राधे, राधे, राधे, राधे

ये बोल बड़े अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

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